विश्व महिला दिवस पर कविता - नारी शिक्षा पर कविता। Nari shiksha par kavita

दोस्तों HINDIANSH वेबसाइट में आपका हार्दिक स्वागत हैं। आप सभी को ज्ञात होगा की प्रतिवर्ष 8 मार्च को विश्व भर में विश्व महिला दिवस मनाया जाता हैं। 
जिसको मनाने के कई कारण हैं जैसे महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सम्मानित करना इत्यादि।


आज हम आपके लिए लेकर आए हैं महिला दिवस पर कविता जिसका शीर्षक है नारी शिक्षा
यह कविता लिखीं है हरियाणा के रहने वाले मनजीत भावड़िया जी ने। कविता पढ़ने के पश्चात् हमें अपने विचार अवश्य बताएं। हमें अत्यंत प्रसन्नता होगी।

नारी शिक्षा पर कविता।
नारी शिक्षा पर कविता

विश्व महिला दिवस पर कविता (8 March) - नारी शिक्षा पर कविता

नारी शिक्षा कविता

नारी नै ना समझो नादान
यही सै भविष्य की पहचान
यही सै उज्जवल भविष्य की शान
यही सै देश की शान, बान, आन।

नारी का बढ़ रहा सै सम्मान
समाज में खुद की बना रही है पहचान
इनके साथ होता रहा घोर अपराध
शिक्षा से ही बनेगा देश महान

खूब मिल रहा समाज में सम्मान
ना समझो पैर की जुती ना करो अपमान
आदमी यां तै आगे सै नारी
शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजी मारी
अपनी भूमिका निभा रही खूब सारी
इनसे छोटी है दुनिया प्यारी

शिक्षा तै इनमें आग्यी सै जान
आज मिल रहा है नारी को सम्मान।
ना होती शिक्षा अर ना हो विश्वास
ना हो जागरूक ना हो विकास
ना जावै ये दहलीज के पास
ना मिल पातै सारे अधिकार

ना करती देश का उद्धार
ना होती शोषण का शिकार
न करे रूढिवाद इनका अपमान
बढ़ रहा समाज में इनका सम्मान

खत्म होगी पुरूषों पर इनकी निर्भरता
खत्म होगी तभी देश की निर्धनता 
करेगी खत्म इन सारी कुरीतियों नै
खुलेंगे रास्ते जब छोडेंगी पिया नै

खेला मैं भी हो रहा सै नाम
अर सम्भाल राख्यी सै देश की कमान
काल तक थी समझा थेे नादान
बढ़ रहा सै समाज में इनका सम्मान।

ना चुप रहवेगी, ना दुख सहवेगी
तोड दी सारी बेडिया मन लुभावन जेवडि़या
घणीये नारी नै करा सै बहुत घणा प्रयास
बढती रहे सै आबादी अर बढता रहे विश्वास

करै से हर बाधा का डट कै सामना
करे सै शिक्षा प्रचार भावे सै कामना
काल तक तो थी ये नादान
समाज में इनका बढ रहा सम्मान

नारी अर पुरूष में आज भी भेद सै
इस पूरे भारत ने बहुत घणा खेद सै
नारी का ना करागे सम्मान
ना रहगी नर की भी पहचान

यू सै असली देश का सोना
इनसे तुम कभी भी ना खोना
खान मनजीत भी राख्ये सै ध्यान
समाज में बढ़ रहा सै सम्मान।

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कवि द्वारा इस कविता को पूर्ण रूप से स्वयं का बताया गया है। ओर हमारे पास इसके पुक्ते रिकॉर्ड्स है। कवि ने स्वयं माना है यह कविता उन्होंने किसी ओर वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं करवाई है।

रचनाकार - खान मनजीत भावड़िया मजीद

गांव भावड तह गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा


इस महिला दिवस पर कविता के बारे में अपने विचार comment करके हमें ज़रूर बताएं और अपने साथियों तक इसे अवश्य पहुंचाए ।

और हिंदी अंश को विजिट करते रहें।  

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