विश्व हिंदी दिवस पर कविता। vishwa hindi divas par kavita 2022

हमारे देश में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रुप में मनाया जाता है। हालांकि इस दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व स्तर पर भी किया जाता हैं।

भारत में सन् 1953 से इस दिवस को मनाने की शुरुआत हुई। जबकि विश्व स्तर पर इसे सन् 1975 से आयोजित किया जा रहा है। 

इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं विश्व हिंदी दिवस पर कविता 2022 इस कविता को आप अपने विद्यालय के मंच पर बडी ही शान से बोल सकते हैं और सराहनाएं प्राप्त कर सकते हैं। पढ़ने के बाद इसे अपने हर साथी तक अवश्य पहुंचाए। Please please…

Hindi Divas
विश्व हिन्दी दिवस 2022 पर कविता


विश्व हिन्दी दिवस 2022 पर कविता


हिन्दी हमारी मां

हम हिन्दी दिवस मनाते आज जरूर,
हम सब का कर्तव्य है मनाना हजूर।

हिन्दी हमारी मां और प्यारी ज़बान,
विश्व में आज इसका डंका बजता, है बड़ी शान।

अमीर खुसरो, प्रेमचंद, महादेवी, नागार्जुन हैं इसके प्रेमी,
हम सब के बचपन में हिन्दी सदा खेली ।

हिन्दी पहचान है संसार की, और देश की,
अपनी मातृभाषा प्यार करती, ना है द्वेष की ।

आज तक इसकी धूम मची और मचाएगी,
एक दिन यह सब भाषा की जननी कहलाएगी ।

हिन्दी उर्दू दोनों बहनें और एक है पंजाबी,
इन तीनों में प्यार बरकरार ना है कोई खराबी ।

संसार आज हिन्दी के पथ पर चलना सीख रहा है ,
विदेशियों में आज हिन्दी पढ़ने का मन हो रहा है ।

अंग्रेजी है भाषा परदेशी, आज है या महारानी,
हिन्दी है स्वदेशी फिर भी क्यों लगती बेगानी ।

हिन्दी भाषा में अपनी संस्कृति और किस्से कहानियां,
यह सबको आसानी से सिखाती ना है परेशानियां ।

खान मनजीत भावड़िया भी मोहब्बत करता है हिन्दी से,
रग रग में बसी हिन्दी हम सब पैदा हिन्दी से । 

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कवि द्वारा इस कविता को पूर्ण रूप से स्वयं का बताया गया है। ओर हमारे पास इसके पुक्ते रिकॉर्ड्स है। कवि ने स्वयं माना है यह कविता उन्होंने किसी ओर वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं करवाई है।

रचनाकार - खान मनजीत भावड़िया मजीद

गांव भावड तह गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा

आशा करते हैं आपको यह विश्व हिंदी दिवस पर कविता। पसंद आईं होंगी। ओर आपको अच्छी लगी हकपया यह कविता अपने साथियों तक पहुंचावे

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