स्वामी विवेकानंद पर कविता 2022। swami vivekananda par kavita in hindi

स्वामी विवेकानंद जिनका बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। ये एक महान हिन्दू संत और नेता थे। इनका जन्म १२ जनवरी १८६३ को हुआ था  इनके जन्म दिवस  को वर्तमान समय में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।

आज इस पोस्ट में  हम आपके लिए लेकर आये हैं। स्वामी विवेकानंद जी पर कविता यह कविता उनके सम्पूर्ण जीवन काल और उनके द्वारा किये गए संघर्षो को दर्शाती हैं 

स्वामी विवेकानंद जी पर कविता लिकजी लिखी हैं हरियाणा के रहने वाले मनजीत भावड़िया जी ने जो नए नए विषयों पर कविता लिखने  शोक रखते हैं और इस प्लेटफॉर्म पर अपनी कई कवितायेँ प्रकाशित करवा चुकें हैं 

Swami Vivekananda par kavita

स्वामी विवेकानंद पर कविता। swami vivekananda par kavita in hindi

स्वामी विवेकानंद जी


बचपन का नाम था नरेंद्र नाथ,
जो सोए भारत का का नाथ।
गुरु थे इनके रामकृष्ण जी,
सारे सिखाए गुर ऐसे कृष्ण जी।

सम्मान खूब पाया हिंदी और हिन्दुस्तान में,
विदेशियों का भी मान बढ़ाया हिन्दुस्तान में ।
ना कभी खड़ा हुआ ना किसी को खड़ा किया,
वतन की मिट्टी में पला बढ़ा और वतन में जिया ।

विवेकानंद जी जिऐ हमेशा विवेक से,
यही खुद किया और बताया हरेक से। 
उन्तालीस साल का जीवन जिया,
ना कभी घबराए किसी से और शान से जिया ।

तेज बुद्धि तेज शक्ति प्यारा हिंदुस्तान हमारा,
योगी पुरुष, संन्यासी,संतगुणी थे ऐसे व्यक्ति ना होंगे दुबारा। 
देश को हमेशा आगे लेकर गये ऐसे थे विवेकानंद जी,
सर पर बोझ समाज का शत का रास्ता दिखाया विवेकानंद जी।

खान मनजीत भावड़िया भी कह विवेकानंद जी हैं युगपुरुष,
ना कोई भेद था ऐसे थे ये महान पुरुष ।
अच्छे व्यक्ति के धनी होते थे विवेकानंद जी,
कभी किसी को दुःख नहीं दिया ऐसे थे विवेकानंद जी। 



कवि द्वारा इस कविता को पूर्ण रूप से स्वयं का बताया गया है। ओर हमारे पास इसके पुक्ते रिकॉर्ड्स है। कवि ने स्वयं माना है यह कविता उन्होंने किसी ओर वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं करवाई है।

रचनाकार - खान मनजीत भावड़िया मजीद

गांव भावड तह गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा

आशा करते हैं आपको यह स्वामी विवेकानंद पर कविता पसंद आईं होंगी। ओर आपको अच्छी लगी होगी। कृपयायह कविता अपने सभी साथियों तक पहुंचावे।


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