26 January speech in hindi 2022

गणतंत्र दिवस पर आखिर कौन अपने स्कूल में भाषण नहीं देना चाहता है। अगर आप भी 26 जनवरी पर भाषण देना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ते रहिए। इस लेख में हमने आपके लिए 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस ) पर भाषण उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।

इस 26 January speech in hindi का उपयोग आप अपने स्कूल विद्यालय या कॉलेज में भाषण देने के दौरान कर सकते है।


गणतंत्र दिवस पर भाषण हिंदी में 2022। 26 January speech in hindi


गणतंत्र दिवस पर भाषण देने की शुरुआत

आप जिस भी स्थान पर भाषण देने जा रहे हैं कृपया वह उपस्थिति आपसे बड़े व्यक्ति तथा लोगों को संबोधित करते हुए शुरुआत करें।

हमारे द्वारा यहां आपको विद्यालय के मंच पर शुरुओआत करके भाषण देने का तरीका बताया जा रहा है।

🙏

आओ सब एक मिलकर मनाएं,
गणतंत्र दिवस का यह त्यौहार।
जूमें, उठे खुशियां मनाएं,
फिर आया हैं यह राष्ट्रीय त्योहार।।

यहां उपस्थिति आदरणीय प्राचार्य महोदय उपप्राचार्य महोदय और सभी शिक्षक गण तथा मेरे प्यारे भाइयों और बहनों सभी को सुप्रभात!

जैसे कि आप सभी को विधित है आज हम यहां गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एकत्रित हुए हैं और मैं आज आपके समक्ष 26 जनवरी के उपलक्ष्य में भाषण लेकर उपस्थित हूं।

जैसा कि आप सभी को ज्ञात है। हम प्रतिवर्ष आज ही के दिन गणतंत्र दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाते आ रहे हैं। और आज भी 73 वे गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में हम सब यहां एकत्रित हुए हैं।गणतंत्र का सीधा सा तात्पर्य है कि जनता के द्वारा जनता के लिए शासन।

दोस्तों यह दिवस 26 जनवरी को ही मनाने का कारण यह है कि हमारी भारतीय संविधान सभा ने आज ही के दिन संविधान को लागू किया था। दरअसल हमारे संविधान सभा के अध्यक्षों ने 26 नवंबर 1949 को संविधान तैयार करके सौंप दिया था। लेकिन कुछ कारणों के चलते इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।

1 वर्ष 11 माह 18 दिन तक लगातार चली चर्चा व लिखने के पश्चात तैयार यह सविधान पूरे दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान को तैयार करने के दौरान कई दूसरे देशों के संविधान से भी सीखकर और वहां से प्रेरणा लेकर इस संविधान को तैयार किया गया है।

आपको बता दूं कि संविधान लिखने के दौरान डॉ भीमराव अंबेडकर को मुख्य सदस्य के तौर पर चुना गया था। इनके अलावा कई दूसरे सदस्यों ने अपने मुख्य भूमिका निभाई थी। आज ही के दिन यानी की 26 जनवरी 1950 को लार्ड माउंट बेटन को हटाकर डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राषट्रपति चुना गया था। हालांकि लार्ड माउंट बेटन उस समय भारत के गवर्नर थे।

26 जनवरी को पूरे भारतवर्ष में इस राष्ट्रीय त्योहार को मनाया जाता है। इस दिन देश के प्रत्येक सरकारी कार्यालयों विद्यालयों कालेजों तथा जगह-जगह पर झंडा फहराया जाता है। मिठाइयां बांटी जाती है तथा भाषण बाजी की जाती है।

जिस प्रकार हमारे देश के सैकड़ों हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने मिलकर देश को स्वतंत्रता दिलाई थी। उसी प्रकार सैकड़ों महान लोगों ने मिलकर संविधान को तैयार किया था।

हमारे सभी देशवासियों के लिए गर्व की बात है कि आज हम सब मिलकर गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। और हम सब के लिए एक ही नियम कानून है जो कि सबके लिए समान है।

यहां उपस्थित मेरे सभी साथियों को एक बार बता दूं कि किसी देश का गणतांत्रिक होना अत्यंत आवश्यक है।

गणतंत्र देश में कोई कभी अपनी मनमानी नहीं कर सकता और सभी को जीने का अपना अधिकार है। हमारे देश का संविधान होने के कारण ही हमारे यहां लोकतांत्रिक सरकार चलती हैं।

गणतंत्र दिवस के दिन स्कूलों में रैलियां निकाली जाती हैं। अनेक जगह छात्रों द्वारा परेड की जाती है। तथा कई जगह देशभक्ति नृत्यों का आयोजन भी किया जाता है।

वाकई में हमारा देश गणतंत्र होने के हमें कई फायदे हैं। यहां जनता द्वारा चुना गया नेता ही शासन कर सकता है। हर चीज का लिखित कानून है। और यह हम भारतीयों के लिए गर्व कि बात है।

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर हमारे देश की राजधानी नई दिल्ली में अलग ही आतिशबाजी देखने को मिलती है। लाल किले पर झंडा फहराया जाता है। और सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि इस शुभ अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री विदेशी नेता को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित करते हैं। जिससे कि हमारे देश का कल्चर विदेशों में जाना व पहचाना जाए।       

राजपथ पर भाषण बाजी होती है, और आसमान में भी हमारे वायु सेना द्वारा अलग ही नजारा दिखाया जाता है।

राजपथ पर विभिन्न राज्यों द्वारा अलग अलग रैलियां निकाली जाती है। जिसमे वे किसी यान के माध्यम से अपनी राज्य के culture की प्रस्तुति देते है।

अंत में मैं यही कहना चाहता हूं कि जिस तरह आप स्वतंत्रता दिवस को मनाते हैं और उस दिन का सम्मान करते हैं उसी अनुरूप गणतंत्र दिवस को भी मनाए। इस दिवस के उपलक्ष में लोगों को जागरूक करें और संविधान के अनुसार अपने अधिकार भी बताने का प्रयास करें।

अंत में मैं एक बार फिर प्राचार्य महोदय और यहां उपस्थित शिक्षकों को धन्यवाद कहना चाहूंगा। जिन्होंने मुझे इतने शुभ अवसर पर इस मंच पर बोलने का मौका दिया। और आप सभी साथियों का भी फिर से धन्यवाद जो मुझे इतनी देर तक सुना।


           ★★★धन्यवाद★★★   

दो शब्द मेरे

तो दोस्तों कैसा लगा आपको हमारा गणतंत्र दिवस 2022 पर भाषण 26 जनवरी स्पीच इन हिंदी आशा करता हूं कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और इससे आपको भाषण देने में काफी मदद मिली होगी। 

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